Tuesday, October 4, 2016

जैसे वहाँ सब परमाणु बम जेब में रखकर टहलते हैं --(विनोद कुमार पांडेय )

पाकिस्तान पगला गया है । वहाँ के नेता,मंत्री,मिलेट्री सब पगला गए हैं ।नवाज शरीफ, ख्वाजा आसिफ,राहील शरीफ, इमरान खान जैसे मुँहबोले दिग्गज भी पगला गए हैं । पहले थोड़ा थोड़ा पगलाए थे पर सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से सब ज्यादा पगला गए हैं । मैं यह बात मजाक में नहीं कह रहा हूँ ,पूरी दुनिया के पास उनके पागलपन का सुबूत है ।मैं भी थोड़ा प्रकाश डालता हूँ ,दरअसल इसलिए मैं ऐसा कह रहा हूँ कि बीते कुछ दिनों से वहाँ सब परमाणु बम की बात अधिक करने लगे हैं ,वहाँ के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ भारत पर परमाणु से हमला करने की बात करता है,इनडायरेक्टली थोड़ा थोड़ा बात सब करते हैं । सबको क्या लगता है ? भारत उनकी गीदड़ भभकी से डर जायेगा ? अरे ये तो दूर की बात है असली बात ये है कि क्या वो परमाणु बम से हमला कर सकते हैं ? कभी नहीं ।उन बेचारों को ये नहीं पता कि परमाणु बम दिवाली और ईद पर बजाये जाने वाला पटाखा नही हैं कि जब मूड करेगा छोड़ देंगे ।

वैसे ईमानदारी की बात करूँ तो आजकल ये पाकिस्तानी लोग पटाखें भी नहीं छोड़ पाते हैं ,तब जब भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच होता है । आजकल ये जिम्मेदारी भी भारतीय ही निभा रहें है ।फिर भी ये परमाणु बम छोड़ेंगे । इन्हें हकीकत में मालूम ही नहीं कि परमाणु बम होता क्या है ? उसकी मारक क्षमता क्या हैं ? उसका प्रभाव कहाँ-कहाँ पड़ सकता है ? बस इनसे बातें करा लो। अभी कुछ दिन पहले तहरीक-ए-इन्साफ पार्टी के प्रमुख ,क्रिकेटर से नेता बने,साठ के बाद घोड़ी चढ़ने वाले इमरान खान भी भारत से शांति की अपील कर रहें हैं पर वो भी  बातों-बातों में कह रहे हैं कि दो परमाणु शक्तियों वाले देश को  युद्ध से बचना चाहिए । अब शायद इमरान खान को यह नहीं पता कि युद्ध तो पाकिस्तान ही चाहता है वर्ना आतंकियों पर कार्यवाही करने के बजाय कश्मीर मुद्दा अलापने की हिम्मत नही करता । भारत को ही नहीं ,यह पाकिस्तान अन्य देशों को भी यह धमकी देता रहता है ,कुछ महीने पहले पाकिस्तानी सेनाध्यक्ष राहिल शरीफ ने ईरान का भी नामोनिशान मिटाने की धमकी दी थी ।आजकल वहीं ईरान का जब मन करता है पाकिस्तान में मोर्टार दाग देता है और ये देखते रहते हैं ।

सुरक्षा के जानकार भी बताते हैं की पाकिस्तान को भी पता है कि परमाणु हमले का परिणाम उसके लिए क्या हो सकता है फिर भी वह इस बात को नजरअंदाज करके पडोसी देशों को धमकाता रहता है ।पाकिस्तान में परमाणु हथियारों के जनक अब्दुल कादिर खान को शायद पता था कि पकिस्तान बाद में परमाणु बम का मजाक बना देगा शायद इसलिए उसने परमाणु तकनीक उत्तर कोरिया सहित कई अन्य देशों को भी चुपके से बेच दिया था ।ऐसा उन पर आरोप लगा है ।कुछ भी हो यदि ऐसे ही पाकिस्तान परमाणु परमाणु बोलता रहा उसका मजाक बनता रहेगा ।परमाणु बम तो दूर की बात है अभी तो उसकी हालत जमीनी लड़ाई लड़ने लायक नहीं है, वो तो शुक्र है आतंकवादियों का जो पाकिस्तानी सेना का आधा काम कर देंते हैं ।हाँ जिस तरह से आतंकवादियों का हस्तक्षेप वहाँ बढ़ता जा रहा है उसे देखकर इस बात का डर होना लाजमी है कि कहीं परमाणु बम आतंकवादियों के हाथ न लग जाये । यदि ऐसा हुए तो महाप्रलय हो सकती है,किसी भी देश के लिए और स्वयं पाकिस्तान के लिए भी ।अभी की स्थिति देखकर तो ऐसा लगता है कि कहीं परमाणु बम पाकिस्तान में ही न फूट जाये क्योंकि आजकल तो वहाँ भी बच्चे-बच्चे की जुबान पर परमाणु बम है शायद इसलिए भी कि वहाँ की सेना अपने हथियार का प्रयोग तो कर ही नहीं पा रही है ,मुंहतोड़ जवाब मिल रहा है,इसलिए परमाणु की रट लगायी जा रही है ।

पाकिस्तान खूब रट लगाए पर अब यह भी मान ले,मान ही नहीं बल्कि लिख ले कि भारत अब चुप नहीं रहेगा और तब तो चुप रहने का सवाल ही नहीं उठता जब पाकिस्तान परमाणु हथियार का प्रयोग करने जैसा कोई नापाक कदम उठाएगा । भूल से अगर वो कुछ भी ऐसा करता है तो उसके बाद पकिस्तान का क्या अंजाम होगा  यह वो लोग कभी सोच भी नहीं सकते जो आज परमाणु बम चिल्ला रहे हैं ।  

Friday, September 30, 2016

बस नाम का शरीफ है ,शरीफ नहीं है---(विनोद कुमार पांडेय )

सर्जिकल स्ट्राइक की सफलता के लिए भारतीय सेना के जज्बे को सल्यूट करता हूँ ।प्रधानमंत्री और अजित डोभाल जी ने इस प्लान को बखूबी अंजाम दिया । हम सब बहुत खुश हैं फिर भी हमें खुशियाँ मनाने के साथ-साथ सावधान रहने की भी बहुत जरुरत है । खिसियानी बिल्ली खंभा नोचने का प्रयास कर सकती है।पर इस बार इनको और खतरनाक ढंग से सबक सिखाना होगा । वैसे भी पाकिस्तान अपनी आदत से बाज नहीं आएगा और उनके सरताज के कारनामे तो जग जाहिर है ।

पिछले कुछ दिनों से भारत की झूठी गलतियाँ गिनाने वाले और कश्मीर में अलगाववादियों का खुलकर समर्थन करने वाले नवाज शरीफ को निश्चित रूप से सर्जिकल स्ट्राइक के रूप में एक बड़ा झटका लगा होगा ।संभव है कि इस घटना पर पूरी दुनिया के लोग सोच रहे होंगे कि सर्जिकल स्ट्राइक में आतंकियों को पकिस्तान में घुस कर मारा गया पर शरीफ क्यों चुप बैठा है । चुप ही नहीं बल्कि वह ऐसा क्यों कह रहा है कि ऐसा कुछ हुआ ही नहीं केवल गोलाबारी हुई है । यह सच है दुनिया के सामने शरीफ यह स्वीकार करने में हिचक रहा है कि पकिस्तान आतंकवादियों का समर्थन करता है पर यह भी सच है कि शरीफ ऐसे खामोश नहीं बैठने वाला है ,बहुत चालबाज है वह अतः उसकी खुराफाती दिमाग में कुछ न कुछ जरूर चल रहा होगा, कोई योजना उधर भी बन रही होगी । वैसे भारतीय सेना आने वाले किसी भी प्रकार के खतरे को टालने की शक्ति रखती  है फिर भी हम सभी को सावधानी की जरुरत है क्योंकि पाकिस्तानी चीफ नवाज शरीफ के नाम में शरीफ तो है पर वो शरीफ नहीं है । 

आतंकवाद से उसे तकलीफ नही  है,  
वो चीप आदमी है कोई चीफ नही है, 
मोदी जी उसका आप भरोसा नहीं करना, 
बस नाम का शरीफ है ,शरीफ नहीं है । 


*चीप =घटिया 
चित्र के लिए गूगल का आभार 

Monday, September 26, 2016

चिकनगुनिया ----(विनोद कुमार पांडेय )

चिकनगुनिया चिकनगुनिया चिकनगुनिया चिकनगुनिया
इधर भी है ,उधर भी है जिधर देखो चिकनगुनिया

गयी बरसात जब से है कहर ढाने लगे मच्छर,

लगे बीमार होने सब सभी को भा रहा बिस्तर,
किसी की नाक सूजी किसी का होंठ सूजा है,
किसी की खोपड़ी ऐसे दिखती जैसे खरबूजा है,

कोई भी बच न पाया चाहे पाठक हो चाहे पुनिया | चिकनगुनिया चिकनगुनिया....


किसी की टाँगे अकड़ी है किसी को दर्द है भारी,
दवाई बेअसर लगती हुई ऐसी महामारी,
जाँच पर जांच होता है मगर कुछ भी नहीं मिलता,
कमाई इतनी है कि डॉक्टरों का तोंद है हिलता,

बड़ी आबाद दिखती डॅाक्टरों की आजकल दुनिया | चिकनगुनिया चिकनगुनिया....

पड़ोसी के दुखों में कल मजे लेते मिले दूबे ,
सुबह देखा तो चड्ढा क्लिनिक पर लेटे मिले गुप्ता,
उधर दूबाईन के घुटने में रह रह दर्द होता है,
देख यह सब मोहल्ले केअधेड़ो का दिल रोता है,

पड़े हैं ओढ़ के चादर इधर लल्ला उधर मुनिया | चिकनगुनिया चिकनगुनिया....

नहीं कर पा रहा है कुछ प्रशासन देखता रहता,
मुझे वो भी चिकनगुनिया के झांसे में फँसा लगता,
बड़े अधिकारियों के घर भी हावी हैं बड़े मच्छर,
जरा देखो लगाते है निरंतर डॉक्टर चक्कर,

जो रसगुल्ला के जैसा था वहीं अब बन गया बुनिया |
चिकनगुनिया चिकनगुनिया चिकनगुनिया चिकनगुनिया
इधर भी है ,उधर भी है जिधर देखो चिकनगुनिया |