Sunday, September 13, 2009

साहित्यशिल्पी के वार्षिक समारोह में ब्लॉगर्स और कवियों की उपस्थिति में समारोह के सफलता की आँखो देखी प्रस्तुति

साहित्यशिल्पी के वार्षिक समारोह में ब्लॉगर्स और कवियों की उपस्थिति में समारोह के सफलता की आँखो देखी प्रस्तुति

सफल रहा यह स्नेह मिलाप ,निहित है इसमे सबका प्यार,
चलो सुनाता हूँ मैं सबको, ब्लॉगर्स सम्मेलन का सार.

हुआ बड़ा ही दिव्य प्रयोजन,दिल हर्षित मन था उत्साहित,
देख भीड़ ब्लॉगर,कवियों की, स्नेह की उर्जा हुई समाहित,
वर्षगाँठ साहित्यशिल्पी की,बड़ी ही सुंदर मन को लागी,
हिन्दी वास्ते ग़ज़ब समर्पण,देख हुआ यह मन अनुरागी,


सर्व प्रथम देना चाहूँगा राजीव रंजन को आभार,
चलो सुनाता हूँ मैं सबको, ब्लॉगर्स सम्मेलन का सार.

पत्रकार फोटो लेने को इधर उधर थे घूम रहे,
प्रेम बचन राजीव रंजन की सब के दिल को चूम रहे,
अभिषेक जी और मोहिंदर सब ने दिल में जगह बनाया,
अतिथि का स्वागत कर के, इस महफ़िल को खूब सजाया,

साहित्यिक पुस्तक के प्रेमी, अद्भुत कुन्दरा जी का प्यार,
चलो सुनाता हूँ मैं सबको, ब्लॉगर्स सम्मेलन का सार.

मुख्य अतिथि जो आए थे, कैसे बतलाऊँ मैं नाम,
हास्य-व्यंग और हिन्दी युग में जिनके बड़े बड़े थे काम,
सारी दुनिया को समझाया, सारे जग में हिन्दी की जय,
प्रेम में जन्मे ऐसे जन को,कहते है प्रेम जन्मेजय,

डॉक्टर पद से भी सम्मानित है,ये व्यंग के पालन हार,
चलो सुनाता हूँ मैं सबको, ब्लॉगर्स सम्मेलन का सार.

महफ़िल की कुछ और शान थे,दीपक गुप्ता और मौदगिल,
जिनके आने से मत पूछो, हास्य सुमन कुछ और गये खिल,
एक इशारा सबका ही था, हिन्दी भाषा की है जय,
चाहे वो अविनाश जी हो,चाहे हो डॉक्टर जन्मेजय,

जय जय करना है आगे भी, आप भी कर लो यह स्वीकार,
चलो सुनाता हूँ मैं सबको, ब्लॉगर्स सम्मेलन का सार.

बागी काका,वेद वशिष्ट सब ने बेहतर काव्य सुनाये,
पवन जी चंदन और दिनेश जी सुंदर गीत से मन हर्षाए,
नामिता जी और अनिल की ने भी कुछ मनभावन शेर कहें,
अब्दुल ,अमन व शोभा जी ने शब्दों के संदेश कहें,

और तनेजा जी भी आए लिए हुए हास्य का हार,
चलो सुनाता हूँ मैं सबको, ब्लॉगर्स सम्मेलन का सार.


अब ब्लॉगर की बात करे तो सबसे पहले विनीत कुमार,
गाहे बेगाहे के मालिक बेहतर शब्दों के सरकार,
अपने रखे विचार बड़ा ही सुंदर लगा इसे सुनकर,
अपनी बात और हालात खूब बताए धून-धुन कर ,

ब्लॉग के ज़रिए जन सेवा, सच में ख़त्म करो व्यापार,
चलो सुनता हूँ मैं सबको, ब्लॉगर्स सम्मेलन का सार.

सतरंगी जी,और इरसाद जी ने थी अच्छी बात कही,
सहगल जी, मजेदार मेरठ कल्चर ही हालात कही,
क्षमा करे मैं भूल रहा हूँ, कुछ मित्रों के नाम,
लेकिन दिल से करता हूँ मैं उनको बातों का सम्मान,

मीडिया मंत्र के मालिक ने भी ,सुंदर प्रस्तुत किया विचार,
चलो सुनाता हूँ मैं सबको, ब्लॉगर्स सम्मेलन का सार.

अविनाश चाचा जी ने की हिन्दी पर सुंदर चर्चा,
सार्थक सृजन के यादव की सार्थक थी परिचर्चा,
शेफाली जी की कविता भी सबको खूब ही भायी थी,
साहित्य प्रेम के वश मे होकर हल्द्वानी से आई थी,


झा जी कहिन के झा जी का कल देखा सुंदर व्यवहार,
चलो सुनाता हूँ मैं सबको, ब्लॉगर्स सम्मेलन का सार.

कविता की इक सीमा को मैं अब करता हूँ याद,
और सभी ब्लॉगर कवियों से करता हूँ ,फरियाद
फिर से क्षमा करे मुझे जिसका उल्लेख नही कर पाया,
लेकिन यह सच है, सब ने आयोजन को सफल बनाया..

यही खुशी हैं रहे बना अपना यह ब्लॉगर का संसार,
चलो सुनता हूँ मैं सबको, ब्लॉगर्स सम्मेलन का सार.

मैं भी उस महफ़िल में था पर कैसे करूँ तारीफ़,
आप लोग ही कुछ कह देना अब तो हो ही गये वाकिफ़,
जो थे नही उपस्थित उनसे यही प्रार्थना हैं मेरी,
अगली बार उपस्थित हो, कर के कुछ हेरा फेरी,

जल्द ही होगी फिर सम्मेलन,रहिए सब ब्लॉगर्स तैयार,
चलो सुनाता हूँ मैं सबको, ब्लॉगर्स सम्मेलन का सार.

एक बार फिर से कहिए राजीव रंजन जी का आभार,
और हमारे चाचा जी अविनाश जी का आभार,

सब ब्लॉगर्स को पहुँचे मेरा प्यार भरा नमस्कार
अब मैं करता हूँ पूरा आँखो देखा यह संसार..

29 comments:

समयचक्र said...

जानकारी से लबरेज आँखों देखि प्रस्तुति के लिए आभार.

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

बहुत बहुत शुभकामनाएँ!

अजित वडनेरकर said...

बहुत खूब।

Shefali Pande said...

आए थे वहां एक विनोद कुमार
जो देख रहे थे , परख रहे थे
ब्लोगरों का व्यवहार
रात भर सोए नहीं
पोस्ट लिख कर ही किया उन्होंने
कार्यक्रम का उपसंहार

विनय ‘नज़र’ said...

एक-एक पल संजो रखा है
---
Carbon Nanotube As Ideal Solar Cell

इरशाद अली said...

wah ji wah

Nirmla Kapila said...

वाह जी वाह बहुत बडिया जानकाती है। बधाई सब को

संगीता पुरी said...

विवरण प्रस्‍तुतीकरण का सुंदर अंदाज .. आपलोगों को बहुत बहुत बधाई !!

अरविन्द चतुर्वेदी Arvind Chaturvedi said...

अच्छी जानकारी और उससे भी अच्छी प्रस्तुति.
धन्यवाद्

साहित्य-शिल्पी said...

विनोद जी कार्यक्रम की काव्यमय प्रस्तुति का आभार। वैसे कार्यक्रम में आपकी कविता प्रस्तुति नें भी मन मोह लिया था।

-राजीव रंजन प्रसाद

MUMBAI TIGER मुम्बई टाईगर said...

फरिदाबाद का ब्लागर सम्मेलन के सफल आयोजन के लिऍ आप सभी को हार्दीक बधाई।
आप द्वारा प्रस्तुत विस्तृत जानकारी से हम सभी लाभान्वित हुऍ। आभार।



♥♥♥♥♥♥



ताऊ का पहला ग्रहाक पहुचा अपना प्लोट लेने चन्द्रमा पर- देखे कोन है ?


Mumbai Tiger
हे! प्रभु यह तेरापन्थ

अजय कुमार झा said...

वाह पांडे जी...यहां भी वही कमाल ....बढिया है..जी बहुत बढिया है...

राज भाटिय़ा said...

बहुत अच्छा लगा आज आप को पढना.
धन्यवाद

राजीव तनेजा said...

जन-जन तक पहुँचा दो...
खबर हर दिल तक पहुँचा दो

बढिया विवरण

हँसते रहो

अविनाश वाचस्पति said...

ये हमारा भतीजा बड़ा जोरदार है
कविता लिखने में बहुत होशियार है
विनोद ही विनोद में सब कुछ कह जाता है
उसकी किसी गलती पर भी ध्‍यान नहीं जाता है।

मानता है गलती स्‍वीकारता है
उसका यही भाव हमको बहुत पसंद आता है
भूलता है नाम, लिखता क्‍यों नहीं है
सिखाते हैं हम, सीखता पूरा नहीं है।

खो जाता है चकाचौंध में और जाता है भूल
भूलने के नाम पर डालते हैं हम तो धूल

क्‍योंकि सबसे बड़े भुलक्‍कड़ तो हम हैं
जो गाड़ी स्‍कूल के बाहर खड़ी करके
चाबी बाहर दरवाजे में ही लटकी छोड़ गए थे
आखिर हम चाचा किसके हैं ? सच्‍चे हैं ?

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

सुंदर प्रस्तुति!

भूतनाथ said...

वाह....वाह...वाह....!!हमको भी मज्जा आया किसी ने हमको नहीं देखा....हम तो वहीँ एक रोशनदान में बैठे थे....अरे नहीं...नहीं....नाच रहे थे....हे....हे..हे...हे....!!!!

Babli said...

वाह बहुत बढ़िया लिखा है आपने ! आपके पोस्ट के दौरान अच्छी जानकारी प्राप्त हुई!
http://ek-jhalak-urmi-ki-kavitayen.blogspot.com

अविनाश वाचस्पति said...

@ भूतनाथ
आपको मान जायेंगे
यदि आप रोशनदान से जो कुछ देखा
प्रस्‍तुत करेंगे उसका पूरा लेखा जोखा
अपने ब्‍लॉग पर
और भेजेंगे हमें उसका लिंक।

वैसे बहुतों को सपने में भी
ब्‍लॉगर स्‍नेह महासम्‍मेलन दिखाई दिया होगा
उनकी प्रस्‍तुतियों का भी हमें बहुत बेसब्री से इंतजार है।

दिगम्बर नासवा said...

भाई मेरा तो vinod जी को भी aabhaar
इतने लाजवाब sunaaye samachaar

हिंदी दिवस की शुभकामनाएं ........

Manish Kumar said...

is report ke liye dhanyawaad.

Mumukshh Ki Rachanain said...

पद्ध बद्ध जानकारी बहुत ही रोचक लगी.
आपको हार्दिक बधाई.

चन्द्र मोहन गुप्त
जयपुर
www.cmgupta.blogspot.com

योगेन्द्र मौदगिल said...

वाह.... संपूर्ण विनोद..... नाम सार्थक कर दिखाया भतीजे...

योगेन्द्र मौदगिल said...

वाह.... इसी बहाने मुलाकात बढ़िया रही

महफूज़ अली said...

bahut bahut shubhkaamnayen....isis bahane sabse mulaqaat ho gayi.......

sandhyagupta said...

Jab report itni achchi ho to samaroh kitna achcha raha hoga iski kalpana ki ja sakti hai.

ओम आर्य said...

बहुत ही बढिया लगी .........ब्लोगरर्स सम्मेलन का विवरण .........बहुत बहुत बधाई

शोभना चौरे said...

पांडेज़ी आपने बहुत ही रोचक ढंगसे सम्मेलन के हाल सुनाए
बहुत बहुत आभार
अग्र कुछ फोटो भी होते तो सोने पर सुहागा होता \
आभार

शरद कोकास said...

वाह कविता मे रपट मज़ा आ गया ।