Sunday, February 7, 2010

राज भाटिया जी और कविता वाचक्‍नवी जी के आगमन पर आयोजित आज दिल्ली ब्लॉगर्स सम्मेलन की एक छोटी सी रिपोर्ट एक अलग अंदाज में

दिल्ली ब्लॉगर्स सम्मेलन आज था,
हुआ भी और बेहतरीन,
आए थे बड़े बड़े नामचीन,

ज़्यादातर दिल्ली की सरज़मीं से आए थे,
पर कविता वाचक्‍नवी जी यू. के.,
और राज भाटिया जी जर्मनी से आए थे,

दिल्ली के ब्लॉगर्स में डॉ. टी. एस, दराल जी थे,
सतीश जी के साथ ग़ज़ल की महान हस्ती जमाल जी थे,
अपने देशनामा के खुशदीप सहगल जी भी वहाँ पाए गये,
विनीत कुमार जी भी स्कूटर से लाए गये,

अजय भैया ने बेहतरीन ढंग से महफ़िल सज़ायी थी,
और अविनाश वाचस्पति जी की ब्लॉग एकता रंग लायी थी,
हँसते हँसाते रहो के संदेश से महफ़िल खिले
इसलिए राजीव तनेजा जी भी सपरिवार वहाँ मौजूद मिले,

संजू तनेजा जी और प्रतिभा कुशवाहा जी उपस्थित थी,
पद्‌म सिंह जी,वत्स जी,तारकेश्वर गिरी जी
और हमारे खास मित्र प्रवीण जी भी आए थे,
मिथिलेश दूबे जी,निशु जी,अंतर सोहिल जी ने भी,
महफ़िल में चार चाँद लगाए थे,

नीरज जाट जी, कनिष्क जी,
यशवंत जी थोड़ी देर कर दिए आने में,
पर कोई कसर नही छोड़ी अपने सुंदर विचार चिपकाने में,

जाते जाते वर्मा जी का भी मिला प्यार,
और अगर किसी का नाम भूल रहा हूँ तो माफ़ करें,
उन सभी का भी बहुत बहुत आभार,


बहुत हो गई आने वालों के नाम,
अब करते है सम्मेलन में क्या चर्चा हुआ,
बैठकी में क्या परिचर्चा हुआ,
ब्लॉगर्स की बैठक में,सब ने अपने विचार दिए,
कुछ कान से निकल गया, कुछ सुन लिए
और चुपचाप अच्छी बात चुन लिए,

सार्थक लेखनी की हालात पर चर्चा हुई,
बेनामी के बढ़ते औकात पर चर्चा हुई,
टिप्पणियों के भयंकर आघात पर चर्चा हुई,
गुटबाजी,बेबाकी,और अपशब्द बात पर चर्चा हुई,

एक दूसरे को समझें,समझाए,
मिल जुल कर फोटू भी खिचवाएँ,
सबने अपने अपने तरीके बताए जो सही थे,
की कैसे ब्लॉगिंग को सामाजिक उपयोग में लाए,
और ब्लॉगिंग से समाज को महकाए,
अपने दिल की बात खुल कर करें,
और फालतू बातों से एकदम ना डरें,

चर्चा के बाद अब करते हैं खर्चा की बात,
झा जी और अविनाश जी मेजबानी मस्त थी,
चाय,काफ़ी की व्यवस्था जबरदस्त थी,
सब मेजबान महोदय जी का काम था,
ये तो बाद में पता चला,
लंच का भी चकाचक इंतज़ाम था,
इतनी बढ़िया की इस बात का गम हो गया,
इतना ज़्यादा आइटम की लास्ट में,
प्लेट में जगह कम हो गया,
पर हमने भी दिमाग़ लगाया,
चावल के उपर पापड़ को लिटाया,
और गुलाब जामुन अलग दूसरे प्लेट में लेकर आया,

लंच के बाद फिर चर्चा,
बढ़िया लग रहा था,
पर मुझे बीच में ही आना पड़ा,
तो आगे के हाल का पता नही,
अब इसमें मेरी कोई खता नही,
जितना देखा उतना बतलाया,
अपने अंदाज में आप तक पहुँचाया.

सभी को ऐसे मेल मिलाप के लिए आभार कहता हूँ,
और दूसरे ब्लॉगर्स सम्मेलन का बेसब्री से इंतज़ार करता हूँ.

43 comments:

वर्षा said...

बढ़िया। वैसे मैंने इस ब्लॉगर्स मीट को मिस किया।

यशवन्त मेहता "सन्नी" said...

wah pandey ji....kavita ke andaz mei keh gaye....arre hum to lunch miss kar gaye....ye kya ho gya....khane pine ke muake hum kabhi nahi chorte....sundar kavita ke rup me report

Udan Tashtari said...

ये बढ़िया स्टाईल रही रिपोर्टिंग की.

राजीव तनेजा said...

अरे वाह!..ऐसे बढ़िया अंदाज़ में तो पहली बार रिपोर्ट पढ़ने को मिली

वन्दना said...

aapka ye andaz to bahut hi bhaya.......shukriya

अजय कुमार झा said...

बहुत सुंदर रपट लगाई विनोद भाई ,गज़ब की सब कुछ कह डाला दिलचस्प शैली में , बहुत सुंदर

काजल कुमार Kajal Kumar said...

नो फ़ोटो !

वेदिका said...

आज के समाचार तो बहुत मनमोहक अंदाज में थे| बहुत अच्छे, और खुदा का शुक्र है की कोई हताहत नही हुआ ....! बेहतरीन रचना के लिए बधाई के पात्र है आप विनोद जी|

Tarkeshwar Giri said...

ye bhi koi bat hui , sb ka nam le liya aapne aur mera hi bhool gaye.

महफूज़ अली said...

कविता के अंदाज़ में बहुत सुंदर लगी यह चर्चा...... एक अलग ही अंदाज़.... Unique...

महेन्द्र मिश्र said...

बहुत सुंदर ...

alka sarwat said...

ham to gajal ki mahaan hasti ki foto dekhna chah rahe the

mahaan hasti !!!

wah!!!!

M VERMA said...

बहुत सुन्दर और इतनी जल्दी
वाह

dhiru singh {धीरू सिंह} said...

बहुत खूब

अनूप् शुक्ल said...

ये खूब रही रपट!

निर्मला कपिला said...

बहुत अच्छी लगी आपकी ये रिपोर्ट मैने यहाँ बैठे बैठे बहुत ही मिस किया। मजबूरी मे ये सुनहरी अवसर खो दिया । सब को बधाई

Arvind Mishra said...

झक्कास काव्यात्मक रिपोर्टिंग

अविनाश वाचस्पति said...

एक बात ध्‍यान रखें
जो ले रहे हैं मजा
आकर यहां पर
अगली बार के ब्‍लॉगर
मिलन में उनको आना
होगा, रंग वहां जरूर
जमाना होगा।

रंग इसलिए क्‍योंकि
होली करीब है
रंगारंग ब्‍लॉगर होली
मिलन भी आयोजित
कर रहे हैं हम।

जो नहीं आयेंगे
देखकर रह जायेंगे दंग।

विनोद की कविता
सिर्फ विनोद नहीं है
सच्‍चाई भरपूर है
और सही है।

चित्र आपको बाद में दिखलायेंगे
क्‍योंकि डिजिटल कैमरे की रील
धुलने के लिए भेजी हुई है
उसमें राजीव तनेजा जी से
भरवायेंगे ऐसे ऐसे रंग
आप देखकर रह जायेंगे दंग
पर करने मत आ जाना
दिल्‍ली में जंग।

सदा मिलकर रहें
ब्‍लॉगर हिन्‍दी के संग
ऐसे बना रहे हैं सब
अच्‍छे अच्‍छे ढंग।

डॉ टी एस दराल said...

सब को बधाई। महफ़िल खूब ज़माई।
जिस पर आपने खूबसूरत कविता बनाई।

मयंक said...

अभी तक विलम्ब से पहुंचने का
अफसोस नहीं था हुआ
पर आप ने ऐसा वर्णन किया
कि दिल बोला मुआ
कि क्यों नहीं नहीं
हमारे लबों ने
रसगुल्लों को किस किया
आपकी कविता के वर्णन को
सामने देखना क्यों मिस किया....

आज का अनुभव कम समय लिया पर उसके लिए एक ही शब्द है........अद्भुत....

आज लगा कि अपने एक और परिवार से मिला हूं....

हास्यफुहार said...

बहुत अच्छी जानकारी। धन्यवाद।

manu said...

sach much sunder..

HEY PRABHU YEH TERA PATH said...

congratulations 4 success of blogger's Meet at Delhi....
MAHAVEER B. SEMLANI

Sanjeet Tripathi said...

wah! shandar style me report

SP Dubey said...

शानदार प्रस्तुति है, पढ कर मन प्रसन्न हुआ ॥

दीपक 'मशाल' said...

यूं तो हैं रिपोर्ट और भी मगर
विनोद जी का है अंदाज़-ए-बयां और....
आभार..
जय हिंद...

जी.के. अवधिया said...

वाह! काव्यमय सुन्दर रिपोर्ट! रिपोर्ट तो मिली ही काव्य का रसास्वादन भी हुआ!

बी एस पाबला said...

बहुत बढ़िया!
यह अलग सा अंदाज़ पसंद आया

अपने न आ पाने पर अफ़सोस है
खैर, अगली बार फिर कभी

बी एस पाबला

Anil Pusadkar said...

इस बार न आ सके,

अगली बार ज़रूर आयेंगे,

लज़ीज़ लंच के किस्से सुन,

यंहा लार नही टपकायेंगे,

सबके साथ मस्त लंच उडायेंगे,

और हां,प्लेट भी भी एक नही,

दर्ज़न भर खुद घर से ले आयेंगे।

हा हा हा हा हा मस्त चर्चा,ऐसी मुलाकातें ब्लाग परिवार की मज़बूती के लिये सार्थक पहल है,आयोजकों को बहुत बहुत बधाई।

सर्वत एम० said...

मीट में 'कविता'जी थीं इस लिए वहां किसी ने कविता की जुर्रत नहीं की. अब मीट की रपट कविता में, वो भी अपनी सारी करनियों को स्वीकार करते हुए, बड़ा कलेजा है आपका. मैं अभी तक वहीं हूँ.

सुलभ § सतरंगी said...

विनोद
आपका आँखों देखा हाल रिपोर्ट पढ़ बहुत मजा आया.
आपने प्रेम पूर्वक सबकुछ विस्तार से बताया.

Dr. Smt. ajit gupta said...

भाई बड़ा अच्‍छा वर्णन है। सारी प्‍लेट पर हाथ साफ करके गुलाबजामुन खाया जा सकता था, दूसरी प्‍लेट को बचाया जा सकता था।

PADM SINGH said...

PANDEY JI KAL KII MEETING BAHUT SHAANDAAR THI IS ME KOI SHAQ NAHI...
AGLEE MEET ME KUCHH AUR SARTHAK HOGA AISA VISHWAS HAI ... DHANYVAAD ITNEE SUNDARTA SE VIVARAN PRASTUT KARNE KA

sada said...

बहुत ही अच्‍छी प्रस्‍तुति ।

shikha varshney said...

wah rochak tareeka reporting ka bahut badhiya.

Parul said...

actually blogger meet ka ye anubhav mere liye naya hai..mujhe jyada pata nahi .par aapki report se jankari mili..shubhkamnayen aur aabahar!

Babli said...

वाह बहुत खूब! बहुत ही रोचक और सुन्दर प्रस्तुती! इस बेहतरीन पोस्ट के लिए बधाई!

Saloni Subah said...

it's a great post
---
EINDIAWEBGURU

प्रवीण शुक्ल (प्रार्थी) said...

पाण्डेय जी मेरे भाई मेरे आने में देरी के लिए माफ़ी चाहता हूँ क्या करूँ ब्लोगर मिलन का खुमार ही नहीं उतर रहा था
अब कुछ कम हुआ था आप और बढा दिया
सादर
प्रवीण पथिक
9971969084

कविता वाचक्नवी Kavita Vachaknavee said...

Aap sab se milna bahut sukhad raha, bas apne karyakram ke karan jaldi nikalna tha, so beech mein jana pada. kintu uski bharpayi aise reports kar rahi hain.
Thanks a lot.

दिगम्बर नासवा said...

वाह .. वाह .... विनोद जी आपने तो कमाल की रिपोर्टिंग कर दी ..... ब्लॉगेर मीट की बहुत सी पोस्टेन पढ़ी हैं पर आपकी लाजवाब है .... अलग अंदाज़ में बयान किया है आपने आँखों देखा हाल .......... हमको भी इंतेज़ार रहेगा आपकी अगली रिपोर्टिंग का ....

Devendra said...

आपने बताया नहीं! हम भी चले आते ..७ को हम भी दिल्ली में ही थे. खैर.. आपकी लेखनी से ही मजा लेता हूँ.
..सुंदर वर्णन

sameer said...

सामाजिक व् महिला सशक्तिकरण

http://knol.google.com/k/mr-sameer/स-म-ज-क-व-मह-ल-सशक-त-करण/7m94mrd6qv7b/1#view